आपदा से बचाव व पुनरोत्थान का गुर सीखेंगे पांच सौ आपदा मित्र

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आपदा से बचाव व पुनरोत्थान का गुर सीखेंगे पांच सौ आपदा मित्र

देवरिया। जनपद में आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन जुटा है। आपदा से बचाव तथा क्षति को कम करने के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। आपदा मित्रों का चयन कर उन्हें चरणबद्ध प्रशिक्षित किया जाएगा। पहले चरण में पचास आपदा मित्रों को आपदा से बचाव व पुनरोत्थान आदि के बारे प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जनपद में पचास आपदा से हर वर्ष काफी क्षति होती है। आपदा से बचाव, न्यूनीकरण को लेकर प्रशासन ने गंभीर है। इसे लेकर यूनीसेफ के सहयोग से कार्ययोजना तैयार की गई। इसके तहत जनपद में पांच सौ आपदा मित्रों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण लेने के बाद आपदा मित्र अपने तथा आसपास के गांवों के लोगों को जागरूक करेंगे। साथ ही आपदा के समय व उसके बाद लोगों की मदद भी करेंगे। आपदा मित्रों का चयन करने तथा प्रशिक्षण का कार्य शुरू कर दिया। साथ ही प्रशिक्षण के लिए पचास आपदा मित्रों का चयन किया है। इसमें 25 नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक तथा 25 स्काउट-गाइड शामिल हैं। अब तक पचास लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

दो चरणों में ऑनलाइन 50 आपदा मित्रों का 23 जुलाई से होगा प्रशिक्षण

जनपद में आपदा से बचाव व पुनरोत्थान के लिए आपदा मित्रों को दो चरण में ऑनलाइन प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके तहत 23 व 24 जुलाई को नेहरू युवा केंद्र के चयनित 25 स्वयंसेवकों तथा 26 व 27 जुलाई को चयनित 25 स्काउट-गाइड वालंटियर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। इन्हें आपदा के प्रकार, आपदा का न्यूनीकरण (आपदा से होने वाली घटनाओं को निम्न स्तर पर करने, घटनाओं में होने वाली क्षति को कम करने), आपदा के पश्चात पुनरोत्थान आदि के बारे में बताएंगे।

ये देंगे प्रशिक्षण

चार प्रशिक्षक आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करेंगे। इनमें डॉ. एसके सिंह, अजीत तिवारी, सुमन पांडेय, अनिल कुमार शामिल हैं। ये चयनित आपदा मित्रों को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कलेक्ट्रेट स्थित आपदा नियंत्रण केंद्र से ऑनलाइन प्रशिक्षण देेंगे।

एक्सईएन सिंचाई सहित तीन लोगों का कल होगा प्रशिक्षण

नेशनल रिमोट सेसिंग सेंटर हैदराबाद द्वारा नेशनल डेटाबेस फार इमरजेंसी मैनेजमेंट का ऑनलाइन प्रशिक्षण 23 जुलाई को होगा। इसमें सिंचाई विभाग के एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया, जिला कृषि अधिकारी मो. मुजम्मिल, आपदा लिपिक तेज बहादुर गिरि शामिल होंगे। सुबह दस से सायं चार बजे तक चलने वाले प्रशिक्षण में आपदा उपरांत क्षति मूल्यांकन, राहत एवं पुर्ननिर्माण, रियल टाइम अलर्ट एंड अर्ली वार्निंग, न्यू डिसिजन सपोर्ट सिस्टम टूल आदि की जानकारी दी जाएगी।

जनपद में आपदा प्रबंधन को लेकर कार्ययोजना बनाई गई है। आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किए जाने की तैयारी की जा रही है। चयनित 50 आपदा मित्रों को दो चरण में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

-अमृत लाल बिंद, सीआरओ/प्रभारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक

Source- www.amarujala.com

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